
उसके दर्द की ख़ामोशी…**
अवंतिका जैसे-तैसे अपने छोटे से कॉटेज वाले घर में पहुंच गई। सबसे पहले उसने मिनी स्कर्ट को हटाकर अपनी आराम वाली कुर्ती–जींस पहन ली। उस स्कर्ट में वो इतना अनकंफर्टेबल महसूस कर रही थी कि खुद को आईने में देखना भी मुश्किल लग रहा था। वो वैसे भी कभी इतनी बोल्ड नहीं रही… पता नहीं कैसे अविनाश के सामने उसे खुद को स्ट्रॉन्ग दिखाने की इतनी टेंशन हो गई थी।





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