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"अर्चित जी तेरे तरफ ही देख रहे थे।"

रेड ड्रेस पर ऑरेंज दाग साफ दिख रहा था। अवंतिका का खून खौल उठा, लेकिन उसने खुद को कंट्रोल किया। “इट्स ओके।” वह खड़ी हो जाती है। “वॉशरूम कहाँ है?” वह इधर-उधर देखने लगती है। स्नेहा तुरंत उठती है। “वन मिनट… इधर। मैं तुम्हें वॉशरूम तक छोड़ देती हूँ। मैं अभी-अभी होकर आई हूँ। इस तरफ है।” उसकी आवाज़ में नकली चिंता साफ थी।

अवंतिका को अंदाजा नहीं था कि वह क्या प्लान कर रही है, इसलिए वह उसके साथ चल देती है। पीछे वही आदमी भी चुपचाप उठ चुका था। वॉशरूम बड़ा था, बाहर वॉश एरिया और अंदर केबिन्स। लोग आ-जा रहे थे, लेकिन उस समय वॉश एरिया थोड़ा खाली था। अवंतिका बेसिन के सामने खड़ी होकर अपने हाथ धोने लगती है और ड्रेस पर लगे दाग को साफ करने की कोशिश करती है।

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Dark Angel

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𝐉𝐮𝐬𝐭 𝐚 𝐬𝐭𝐮𝐝𝐞𝐧𝐭... 𝐄𝐚𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐫𝐨𝐮𝐠𝐡 𝐰𝐫𝐢𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐦𝐲 𝐟𝐚𝐧𝐭𝐚𝐬𝐢𝐞𝐬.. 𝐒𝐮𝐩𝐩𝐨𝐫𝐭 𝐚𝐬 𝐦𝐮𝐜𝐡 𝐚𝐬 𝐲𝐨𝐮 𝐜𝐚𝐧..... 𝐢𝐭'𝐥𝐥 𝐛𝐞 𝐨𝐟 𝐠𝐫𝐞𝐚𝐭 𝐡𝐞𝐥𝐩. 𝑺𝒖𝒑𝒑𝒐𝒓𝒕 𝒎𝒆 𝒈𝒖𝒚𝒔 💋

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