
कुछ देर तक आदित्य और उस नकाबपोश आदमी के बीच लड़ाई चलती रही। आदित्य बार-बार उसका चेहरा देखने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह आदमी हर बार खुद को बचा लेता था। दोनों के बीच की फाइट अब काफी रफ हो चुकी थी।
उर्मी अभी भी बेड के पास बैठी हुई थी। उसका दिमाग जैसे काम करना ही बंद कर चुका था। वह न ठीक से सोच पा रही थी, न कुछ समझ पा रही थी और न ही रिएक्ट कर पा रही थी।








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