
किचन में मची उस हलचल और उर्मि की सिसकियों की आवाज़ जब बाहर तक पहुँची, तो कियान भी वहाँ आ चुका था। वह दरवाज़े पर खड़ा होकर यह सब देख रहा था। क्रेजी और पजेसिव हो चुके विराज को अपनी वाइफ के जिस्म पर इस तरह अधिकार जताते हुए देखना उसके लिए कोई नई बात नहीं थी, लेकिन आज उर्मि की हालत वाकई देखने लायक थी।
उर्मि ने उम्मीद भरी नज़रों से कियान को देखा और रोते हुए गिड़गिड़ाने लगी— "कियान... प्लीज़... इसे रोको... देखो क्या कर रहे हैं... प्लीज़ बचाओ मुझे..."








Write a comment ...